बैठा रहे एक जगह वह,
बैठा रहे एक जगह वह, घर से बाहर न जाता, फिर भी दुनिया भर से बातें तुम तक है पहुँचाता।
60 पहेलियां मिलीं
दिमाग को चुनौती देने वाली कठिन पहेलियां
बैठा रहे एक जगह वह, घर से बाहर न जाता, फिर भी दुनिया भर से बातें तुम तक है पहुँचाता।
शक्ति का मैं पैमाना हूँ तेज दौड़ का दीवाना हूँ, कई रंगों में पाया जाता सब का जाना पहचाना हूँ।
हाल चाल यदि पूछो उस से, नहीं करेगा बात, सीधा सादा लगता है, पर पेट में रखता दांत।
गोलू हूं, पर गेंद नहीं, लाल हूं, पर सेब नहीं, जो भी मुझ को हैं अपनाते, मेरी गंध सदा फैलाते।
तीन हाथ और पेट है गोल, सर्रसर्र करते मेरे बाल गरमी में मैं आता काम मुझे बिन नहीं होता आराम।
दो अक्षर का मेरा नाम, सभी के शरीर में रहता हूं, कोई मुझे पागल कहे, फिर भी मेरा बड़ा है नाम।
सोने की वह चीज है, पर बेचे नहीं सुनार। मोल तो ज्यादा है नहीं, बहुत है उसका भार।
छोटा था तो नारी था मैं, बड़ा हुआ तो नर। नारी का तो कम मोल था, नर की बड़ी कदर।
सोने को पलंग नहीं, न ही महल बनाए, एक रुपया पास नहीं, फिर भी राजा कहलाए।
तीन अक्षर का राज्य वृक्ष कहलावे। हरे फल का साग सूखा खाया जावे।। प्रथम कटे तो औषधी कहलाता। मध्य कटता...
एक वृक्ष का तीन अक्षर में नाम। टहनी आवे दातुन के काम ।। प्रथम काटे हाथ बन जाऊ। कांटा लागे कीक लगवां...
एक वृक्ष दो अक्षर का बताया। करता यह कीटों का सफाया।। उल्टा अंग्रेजी का धन कहलाये। यह औषधी, दातुन के...
तीन अक्षर के इस राज्य वृक्ष को
साढ़े तीन अक्षर में नाम। लकड़ी आए मणियों के काम।। इस पर बैठ कृष्ण नेे बंशी बजाई। इसकी उम्र भी हजारों...
दो अक्षर का नाम बतलाया। शांति का प्रतीक कहलाया।। दिया राष्ट्रीय वृक्ष का दर्जा इसको। सम्राट ने विदे...
दो अक्षर का यह एक वृक्ष है। पर्यावरण संरक्षण में दक्ष है।। साल में एक बार फल लगे। सर्दी में गर्म गर...
तीन अक्षर का वृक्ष का नाम। तीन बार फल लगनें का काम।। इस पेड की हरी लकडी भी जलती। दूध की मथानी लडकी ...
दो अक्षर मे नाम आता। भूत वृक्ष कहा जाता।। उल्टे नाम से हत्या हो जाती। छाल रंग के काम में आती।।
दो अक्षर का नाम बताया। इसका फल सबको भाया।। सबसे ज्यादा किस्म बताई। फल में गुठली है बताई।।
सांप के फन जैसा पत्ता मेरा। काटू तब तो देख दम तेरा।। चार अक्षर का नाम बताऊं। औषध बाड़ के काम आऊं।।