अजब तरह की है एक नारी

अजब तरह की है एक नारी उसका क्या करूँ मैं विचार वह दिन डुबे पी के संग जाग रहे निस बांके संगे। दिया जले तो वह शरमाए डर से सरक वह दूर हो जाए।

"ajb trh kee hai ek naree uska kya kroon main vichar vh din dube pee ke sng jag rhe nis banke snge। diya jle to vh shrmae dr se srk vh door ho jae।"

उत्तर:

परछाई

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