अमीर खुसरो ने दो-सुखना पहेलियों की रचना की।'स...
अमीर खुसरो ने दो-सुखना पहेलियों की रचना की।'सुखन' फारसी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ कथन या उक्ति है।अमीर खुसरो के 'दो सुखन' में दो कथनों या उक्तियों का एक ही उत्तर होता है।इसका मूल आधार एक ही शब्द के दो-दो अर्थ है।दो-सुखना में दो परस्पर अलग वस्तुओं के बारे में प्रश्न पूछा जाता है। उनके बीच का संबंध या समानता का बिंदु ढूढ़ना पड़ता है। दो-सुखना को पारम्परिक परिभाषा के आधार पर पहेली नहीं कह सकते हैं। मूलतः दो-सुखना प्रश्नों पर आधारित बुझौवल है।कुछ प्रसिद्ध दो-सुखन निम्नलिखित है। 1.फरमान क्यों न भेजी? हाथी क्यों न खरीदा?
उत्तर:
लाख' न था। फरमान बंद करने के लिए लाख नहीं था और हाथी खरीदने के लिए लाख रूपये नहीं थे।
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