बरखा, सर्दी, धूप कडी हो

बरखा, सर्दी, धूप कडी हो पथ मे पत्थर, कील गडी हो इन सबसे मे तुम्हे बचाऊ फिर भी हर दिन रगडा जाऊ

"brkha, srdee, dhoop kdee ho pth me ptthr, keel gdee ho in sbse me tumhe bchaoo phir bhee hr din rgda jaoo"

उत्तर:

जूता

1 views

Related पहेलियां

टिप्पणियां (0)

टिप्पणी लिखें

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!