चार अंगुल का पेड़, सवा मन का फ्ता।

चार अंगुल का पेड़, सवा मन का फ्ता। फल लागे अलग अलग, पक जाए इकट्ठा।।

"char angul ka per, sva mn ka phta। phl lage alg alg, pk jae ikttha।।"

उत्तर:

कुम्हार की चाक

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