एक बार एक मारवाड़ी सेठ ने अपने घर पर भोज रखा ...
एक बार एक मारवाड़ी सेठ ने अपने घर पर भोज रखा ।उसने अपने गाँव के 100 चुनिन्दा ब्यक्तियों को आमंत्रित किया । जिसमें ब्राह्मण ,ठाकुर,बैश्य को बुलाया गया । सेठ ने सौ लोगों के हिसाब से कुल 100 पत्तल मंगवा कर रखी ।ब्राम्हणों ने देखा शेठ जी चालाक है इन्होने तो 100 पत्तल ही मंगाई हैं ।तो उन्होंने कहा की हम तो 1 पत्तल पर बैठेंगे और 1 पर खायेंगे । यानि हमें 2 पत्तल चाहिए ।ये बात ठाकुर साब ने सुनी तो उन्होंने कहा हम कमजोर नहीं हैं हम 2 पत्तल पर बठेंगे और 2 पर खायेंगे ।हमें कुल 4 पत्तलें चाहिए ।उसके बाद वैश्यों ने सेठ की व्यबस्था चोपट होते हुए देखकर कहा की सेठ जी आप चिंतित न हों ,हम एक पत्तल में 4 लोग खा लेंगे ।फिर 100 मेहमान 100 पत्तल पर खाना खाते हैं कोई भी पत्तल बाकि नहीं बचती और न ही कोई मेहमान।अब आपको बताना ये है की सेठ की पार्टी में कितने ब्राम्हण ,कितने ठाकुर,कितने वैश्य आये थे ।
उत्तर:
ब्राम्हण= 30, ठाकुर = 6, वैश्य = 64 ब्राम्हण =15, ठाकुर =13, वैश्य =72
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