एक इन्सान का अचरज भेद

एक इन्सान का अचरज भेद हाड हाड मे वाके छेद मोहि अचम्भा आवे ऐसे जीव बसे हे वामे केसे

"ek insan ka achrj bhed had had me vake chhed mohi achmbha aave aise jeev bse he vame kese"

उत्तर:

पिन्जरा

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