एक नगरी मे चोसठ घर

एक नगरी मे चोसठ घर दो पास बेठे भर चाव उस नगरी का यही स्वभाव कटे-मरे, लगे न घाव

"ek ngree me chosth ghr do pas bethe bhr chav us ngree ka yhee svbhav kte-mre, lge n ghav"

उत्तर:

उत्तर:- शतरन्ग

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