गर्मी में जिससे है हम घबराते,

गर्मी में जिससे है हम घबराते, जाड़े में है हम उसी को खाते, उससे है प्रत्येक चीज चमकती दुनिया भी उससे खूब दमकती.

"grmee men jisse hai hm ghbrate, jare men hai hm usee ko khate, usse hai prtyek cheej chmktee duniya bhee usse khoob dmktee."

उत्तर:

धुप

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