काला हूँ मैं धुप लगती ना अछि मुझे, सूरज ढलते ...

काला हूँ मैं धुप लगती ना अछि मुझे, सूरज ढलते आता मैं , सारे जग पर छा जाता , सुबह होते फिर हो जाता गायब !!

"kala hoon main dhup lgtee na achhi mujhe, soorj dhlte aata main , sare jg pr chha jata , subh hote phir ho jata gayb !!"

उत्तर:

अँधेरा

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