सुबह आता शाम को जाता, दिनभर अपनी चमक बरसाता;

सुबह आता शाम को जाता, दिनभर अपनी चमक बरसाता; समस्त सृष्टि को देता वैभव,इसके बिना नहीं जीवन संभव। बताओ क्या?

"subh aata sham ko jata, dinbhr apnee chmk brsata; smst srishti ko deta vaibhv,iske bina nheen jeevn snbhv। btao kya?"

उत्तर:

सूरज

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