चार और चार मिलकर कब आठ से ज्यादा बनते हैं?
चार और चार मिलकर कब आठ से ज्यादा बनते हैं?
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अपनी IQ परखने वाले सवाल और पहेलियां
चार और चार मिलकर कब आठ से ज्यादा बनते हैं?
आज हूँ तो कल नहीं; कल वाली नहीं परसों; फिर आऊंगी बाद महीना; बाट न देखें बरसों।
पानी है पर बाहर नहीं; पूंछ है पर बन्दर नहीं; दाढ़ी है पर मूंछ नहीं; आंख है पर जीभ नहीं।
न भोजन खाता, न वेतन लेता; फिर भी पहरा डटकर देता।
कल बनूं धड़ के बिन; मल बनूं सिर हीन; पैर कटे तो थोडा रहूँ; अक्षर हैं कुल तीन।
वह क्या है जिसका आना भी बुरा और जाना भी बुरा?
ऐसी कौन सी चीज़ है जो पानी पीते ही मर जाती है?
एक किले के दो ही द्वार; उनमें सैनिक लकड़ीदार; टकराए जब दीवारों से; ख़त्म हो जाये उनका संसार।
ऐसा कौन सा प्रश्न है जिसका उत्तर हाँ या नहीं हो सकता है?
प्रथम कटे तो पानी बने; मध्य कटे तो काल; अंत कटे तो बने काज; बोलो क्या है इसका राज।
ऐसी कौन सी चीज़ है जो है तो सोने की, लेकिन सोने से बहुत सस्ती है?
दिन में मरा, रात को जिया; अब तो बूझो, हूँ मैं क्या?
ऐसा एक अजब खजाना; जिसका मालिक बड़ा सयाना; दोनों हाथों उसे लुटाए; फिर भी दौलत बढ़ती जाए।
दो अक्षर का मेरा नाम; मेरे बिन न चलता काम; रंगहीन हूँ स्वादहीन हूँ; हरदम आता हूँ मैं काम।
बिन पंख के उड़े आकाश; लंबी पूंछ हमारे हाथ।
एक थाल उल्टा है पड़ा; चमकते मोतियों से है जड़ा।
कर बोले कर ही सुने; श्रवण सुने नहीं थाह; कहें पहेली बीरबल; बूझो अकबर शाह।
सबके ही घर ये जाये; तीन अक्षर का नाम बताए; शुरु के दो अति हो जाये; अंतिम दो से तिथि बन जाये।
मध्य कटे तो बनता कम; अंत कटे तो कल; लेखन में मैं आती काम; सोचो तो क्या मेरा नाम।
ऐसी कौन सी चीज है, जिसे आप खरीदते हो तो रंग काला, उपयोग करते हो तो लाल और फेंकते हो तो सफेद होता है...