सारे तन में छेद कई हैं
सारे तन में छेद कई हैं इन छेदों का भेद यही है ये ना हों तो मैं बेकार इनसे ही है मेरा संसार तब ही...
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हर पहेली के साथ विस्तृत उत्तर और व्याख्या
सारे तन में छेद कई हैं इन छेदों का भेद यही है ये ना हों तो मैं बेकार इनसे ही है मेरा संसार तब ही...
नरम कुरकुरा नाजुक काया बिखर जाऊं गर जोर से दबाया पर जब खाने की हो तैयारी मुझ बिन अधूरी रोटी तरकार...
नाम का बड़ा हूं मगर में छोटा पर इस बात पे नहीं मैं रोता मेरे आगे गले ना किसी की दाल मेरे आगे दाल ह...
आदि कटे तो गीत सुनाऊँ मध्य कटे तो संत बन जाऊँ अंत कटे साथ बन जाता संपूर्ण सबके मन भाता
सीधी होकर, नीर पिलाती उलटी होकर दीन कहलाती।
हरी थी मन भरी थी मोतियों से जड़ी थी राजाजी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी
सीधी होकर वह बहती है उल्टी होकर वाह-वाह कहती है।
मुझमें भार सदा ही रहता, जगह घेरना मुझको आता, हर वस्तु से गहरा रिश्ता, हर जगह मैं पाया जाता
ऊपर से नीचे बहता हूँ, हर बर्तन को अपनाता हूँ, देखो मुझको गिरा न देना वरना कठिन हो जाएगा भरना।
आग लगे तो पानी बहे पानी गिर जम जाए, दूजों को दे रोशनी अपना बदन गलाए।
सिर संग भी है नाता मेरा बिस्तर से भी नाता, बोझ उठा कर आपका मैं मीठी नींद सुलाता।
3 मुर्गियां 3 दिन मे, 3 अंडे देती हैं तो 300 मुर्गियां 300 दिन में, कितने अंडे देगी?
एक पेंन 5 रु में बेचेगे तो 3 Rs. profit, वही पेन 10 Rs. में बेचोगे तो कितना profit होगा ?…. 1 minu...