अमीर खुसरो ने बिन-बूझ पहेलियाँ (संकेतों के आध...
अमीर खुसरो ने बिन-बूझ पहेलियाँ (संकेतों के आधार पर उत्तर ढूँढना)की रचना की ।'बिन-बूझ' पहेलियों में पहेली में दिये संकेतों के आधार पर उत्तर को ढूंढना पड़ता है,यानी इसका उत्तर पहेली से बाहर होता है।कुछ प्रसिद्ध बिन-बूझ पहेलियाँ निम्नलिखित है। 1.जल कर बने, जल में रहे, आँखों देखा खुसरो कहे।
उत्तर:
काजल, खुसरो ने जो खुद देखा है (आँखों से) उसके बारे में पूछ रहे हैं। क्या आपने कभी काजल बनते देखा है? एक जलते हुए दिये पर मिट्टी के बर्तन को यदि हम औंधा रख दें तो औंधे रखे बर्तन पर कालिख जमा हो जाती है।इसी कालिख को ठंडा होने पर निकाल कर अलग रख दिया जाता है। और काजल लगाते कहाँ हैं? आखों में?आँखों के ऊपरी भाग में पानी की परत जैसी होती है।यहाँ तीन संकेत थे - यह वस्तु ऐसी है जो जल कर बनती है, पानी में रहती है और खुसरो ने बड़ी कुशलता से आँख की तरफ इशारा भी कर दिया।
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