चार उंगलियाँ एक अंगूठा ,है मेरे पर जीव नहीं |

चार उंगलियाँ एक अंगूठा ,है मेरे पर जीव नहीं | सर्दी में काम आता हूँ ,मिलूं ग्रीष्म कभी नहीं ||

"char ungliyan ek angootha ,hai mere pr jeev nheen | srdee men kam aata hoon ,miloon greeshm kbhee nheen ||"

उत्तर:

उत्तर:- दस्ताना

7 views

Related पहेलियां

टिप्पणियां (0)

टिप्पणी लिखें

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। पहले टिप्पणी करने वाले बनें!