सत्य धर्म का बोझा सहता

सत्य धर्म का बोझा सहता जितना होता , उतना कहता हाथ के आजू-बाजु फैले पांव में रहते हैं दो थेले |

"sty dhrm ka bojha shta jitna hota , utna khta hath ke aajoo-baju phaile panv men rhte hain do thele |"

उत्तर:

तराजू |

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