दो अक्षर से मेरा नाता

दो अक्षर से मेरा नाता एक इशारे पर खुल जाता जब चाहो तब बंद हो जाता सावन, भादो याद में आता मर्जी ना हो तो भी मैं नहाता लेकिन मुझे बुखार न आता

"do akshr se mera nata ek ishare pr khul jata jb chaho tb bnd ho jata savn, bhado yad men aata mrjee na ho to bhee main nhata lekin mujhe bukhar n aata"

उत्तर:

छाता

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