गोल-गोल है मेरी काया

गोल-गोल है मेरी काया हर नारी का रूप बढ़ाया कांच है मेरे अंग-अंग में मैं मिलती हर एक रंग में ठेस लगे तो चकनाचूर चाहे मुझको परी या हूर बतलाओ मैं कौन हुजूर

"gol-gol hai meree kaya hr naree ka roop bढ़aya kanch hai mere ang-ang men main miltee hr ek rng men thes lge to chknachoor chahe mujhko pree ya hoor btlao main kaun hujoor"

उत्तर:

चूड़ी

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