एक बरस भोजन नहीं पाया, फिर भी भोजन करते थे | ...

एक बरस भोजन नहीं पाया, फिर भी भोजन करते थे | भले ही तन को छोड़ दिया हो, वे तो कभी न मरते थे ||

"ek brs bhojn nheen paya, phir bhee bhojn krte the | bhle hee tn ko chhor diya ho, ve to kbhee n mrte the ||"

उत्तर:

आदिनाथ

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