एक नगरी में चौबीस घर

एक नगरी में चौबीस घर दो पास बैठें भर चाव उस नगरी का यही स्वभाव कटें-मरें , लगे न घाव |

"ek ngree men chaubees ghr do pas baithen bhr chav us ngree ka yhee svbhav kten-mren , lge n ghav |"

उत्तर:

शतरंज |

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