जब भी लिखना होता तुमको, बनती हूं मैं सखी-सहेल...

जब भी लिखना होता तुमको, बनती हूं मैं सखी-सहेली यही है मेरा गुण रे भाई, जब भी काटो, नई-नवेली

"jb bhee likhna hota tumko, bntee hoon main skhee-shelee yhee hai mera gun re bhaee, jb bhee kato, nee-nvelee"

उत्तर:

पेन्सिल

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