कितना ज्ञान भरा है इसमें, भाव तो ज्ञानी ही जा...

कितना ज्ञान भरा है इसमें, भाव तो ज्ञानी ही जाने| पर अज्ञानी जीव कभी भी, असली रूप ना पहचाने ||

"kitna gyaan bhra hai ismen, bhav to gyaanee hee jane| pr agyaanee jeev kbhee bhee, aslee roop na phchane ||"

उत्तर:

शास्त्र

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