मेहमानों का स्वागत मुझसे
मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी ना मीठी ना खट्टी हूं मैं नमकीन ना मैं तरकारी तरल रूप है पतली काया दूध और पानी भी है समाया वो खुश जिसने मुझको पाया
उत्तर:
उत्तर:- चाय
मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी ना मीठी ना खट्टी हूं मैं नमकीन ना मैं तरकारी तरल रूप है पतली काया दूध और पानी भी है समाया वो खुश जिसने मुझको पाया
उत्तर:- चाय
सारे तन में छेद कई हैं इन छेदों का भेद यही है ये ना हों तो मैं बेकार इनसे ही है मेरा संसार तब ही...
आठ गुणों को प्राप्त किया है, निराकार पद धार लिया है | अब न उनको आना जग में, लीन रहे निज चेतन में ||
नहीं सुदर्शन चक्र मगर मैं चकरी जैसा चलता सिर के ऊपर उलटा लटका फर्श पे नहीं उतरता बर्फ नहीं पर हव...
णमोकार यह मंत्र है सुंदर, आया प्रथम किस ग्रंथ के अंदर | लीपिबध यह किसने किया, नाम बताओ जिसने किया ||
पांच अक्षर का नाम बतलाता। पहाड़ी पेड़ यह कहलाता।। इससे बायोडीजल निकलता। डीजल से यंत्र है चलता।।
नोच-नोच कर खाता मांस जीव है दुनिया का ये खास दो अक्षर का छोटा नाम लेकिन इसका मोटा काम उड़ता रहता सुबह...
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