र मे नित्य विरक्त रहे जो, सिद्धप्रभु का ध्यान...

र मे नित्य विरक्त रहे जो, सिद्धप्रभु का ध्यान करे जो | एक दिवस खुद मुनिपद पाया, अंतर मुहूर्त मे केवलज्ञान पाया||

"r me nity virkt rhe jo, siddhprbhu ka dhyan kre jo | ek divs khud munipd paya, antr muhoort me kevlgyaan paya||"

उत्तर:

भरत

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