बीमार नहीं रहती
बीमार नहीं रहती फिर भी खाती है गोली। बच्चे , बूढ़े डर जाते , सुन इसकी बोली।
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बीमार नहीं रहती फिर भी खाती है गोली। बच्चे , बूढ़े डर जाते , सुन इसकी बोली।
शुरू कटे तो नमक बने , मध्य कटे तो कान। अंत कटे तो काना बने , जो न जाने उसका बाप शैतान।
तीन अक्षर का मेरा नाम , प्रथम कटे तो शस्त् बन्नू। अंत कटे तो ज्वाला , मध्य कटे तो बन्नू मैं आन ब...
बूझो मेरी एक पहेली काटो तो नई नवेली, बताओ कोन?
मैं हरी , मेरे बच्चे काले , मुझको छोड़ , मेरे बच्चे खाले।
पानी से निकला दरख्त एक पात नहीं पर डाल अनेक। एक दरख्त की ठण्डी छाया , नीचे एक बैठ न पाया।
न काशी , न काबाधाम , बिन जिसके हो चक्का जाम। पानी जैसी चीज है वह झट बताओ उसका नाम।
गर्मी में तुम मुझको खाते, मुझको पीना हरदम चाहते, मुझसे प्यार बहुत करते हो, पर भाप बनूँ तो डरते भी...
दुनिया भर की करता सैर धरती पे ना रखता मैं आपने पैर, दिन में सोता हूँ और रात में जगता, होती रात अँध...
ऐसा एक अजब खजाना, जिसका मालिक बड़ा स्याना, दोनों हाथों से लुटाता, फिर भी दौलत बढती जाये!! बता...
सिर पर जिसके कलगी लाल , हरी सुनहरी दुम , कुकड़ के करने वाला , बोलो क्या कहते हो तुम ?
दो अक्षर का मेरा नाम सरको ढकना मेरा काम।
हरा हूँ पर पत्ता नहीं , नकलची हूँ पर बन्दर नहीं , बूझो तो मेरा नाम सही।
काला है पर कौआ नहीं , बेढब है पर हौवा नहीं , करे नाक से सारा काम , अब बतलाओ उसका नाम ?
वह कौन सी चीज़ है जो..सिर्फ बढती है, कभी घटती नहीं?
हरा आटा, लाल परांठा; मिल-जुल कर सब सखियों ने बांटा।
काले वन की रानी है, लाल -पानी पीती है।
कल बनता धड़ के बिना , मल बनता सिरहीन। थोड़ा हूँ पैर कटे तो , अक्षर केवल तीन।
सदा ही मैं चलती रहती; फिर भी कभी नहीं मैं थकती; जिसने मुझसे किया मुकाबला; उसका ही कर दिया तबादला;...
काली है पर काग नहीं, लम्बी है पर नाग नहीं। बल खाती है ढोर नहीं, बांधते है पर डोर नहीं।