गोल-गोल है मेरी काया
गोल-गोल है मेरी काया हर नारी का रूप बढ़ाया कांच है मेरे अंग-अंग में मैं मिलती हर एक रंग में ठेस लगे तो चकनाचूर चाहे मुझको परी या हूर बतलाओ मैं कौन हुजूर
उत्तर:
उत्तर:- चूड़ी
गोल-गोल है मेरी काया हर नारी का रूप बढ़ाया कांच है मेरे अंग-अंग में मैं मिलती हर एक रंग में ठेस लगे तो चकनाचूर चाहे मुझको परी या हूर बतलाओ मैं कौन हुजूर
उत्तर:- चूड़ी
एक पड़ी रेखा ,उसके ऊपर एक खड़ी रेखा | एक दोनों के ऊपर नीचे मिली रेखा | बताओ इसके क्या बने ,बनाने वा...
सारे तन में छेद कई हैं इन छेदों का भेद यही है ये ना हों तो मैं बेकार इनसे ही है मेरा संसार तब ही...
दोनों भाई जुड़वाँ आवे, बहिन को देख विरक्ति पावे | कुंथलगिरी से मोक्ष पधारें ,हम सब उनका नाम उचारे ||
Nahi chaiye engine mujko, nahi chaiye khana, mujh par chadkar aaspas kar, kar lo safar suhana.
Yeh humko deti aaram, yeh unchi to uncha naam, badhe-badhe logo ko dekha, iske liye hota sangram
ऐसे गुरु के चरण पखारू, हृदय कमल पर उन्हें बिठा लू || सीमंधर को नमन किये थे, प्रभुवर से सक्च्चात मिले...
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