गोल-गोल है मेरी काया
गोल-गोल है मेरी काया हर नारी का रूप बढ़ाया कांच है मेरे अंग-अंग में मैं मिलती हर एक रंग में ठेस लगे तो चकनाचूर चाहे मुझको परी या हूर बतलाओ मैं कौन हुजूर
उत्तर:
उत्तर:- चूड़ी
गोल-गोल है मेरी काया हर नारी का रूप बढ़ाया कांच है मेरे अंग-अंग में मैं मिलती हर एक रंग में ठेस लगे तो चकनाचूर चाहे मुझको परी या हूर बतलाओ मैं कौन हुजूर
उत्तर:- चूड़ी
तीन सौ त्रेसठ मत को चलाया, वीर प्रभु का जीव कहाया | आदिनाथके समय में आवे, तीर्थंकर की पदवी पावे||
सूखे क्षेत्र का फल सेब कहलाता। हर कोई है फल को चाय से खाता।। अजा ही पत्ते भूख मिटाते। लागे टेडे नुक...
नोच-नोच कर खाता मांस जीव है दुनिया का ये खास दो अक्षर का छोटा नाम लेकिन इसका मोटा काम उड़ता रहता सुबह...
दो अक्षर का मेरा नाम क हलावे। कच्ची कली मशाला के काम आये।। दक्षिण भारत मे इसका निवास। औषधीय वृक्ष ह...
पिंडी फटी नाम जपने से, चंद्रा प्रभु प्रगटे उसमे से | भस्मक व्याधि रोग था भारी, नाम बताओ सब नर नारी |...
लगे मात्रा तो हूं खाक हटे मात्रा तो पक्षी सुरीला काला मेरा रूप कुरूप करे क्या काला मुझको धूप नाम बता...
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