कई कपड़ों के पार हुई
कई कपड़ों के पार हुई एक नहीं सौ बार हुई फिर भी ना बेकार हुई और तेज मेरी धार हुई पूंछ है मेरी तो पूछ है मेरी फटा जोड़ दूं करूं न देरी बतलाओ पहचान क्या मेरी
उत्तर:
उत्तर:- सुई
कई कपड़ों के पार हुई एक नहीं सौ बार हुई फिर भी ना बेकार हुई और तेज मेरी धार हुई पूंछ है मेरी तो पूछ है मेरी फटा जोड़ दूं करूं न देरी बतलाओ पहचान क्या मेरी
उत्तर:- सुई
अन्त कटे तो कोवा बन जाए प्रथम कटे तो बने दूरी का माप मध्य कटे तो कार्य बने तीन अक्षर का उसका नाम
गोरा नारा बड़ा ही प्यारा बड़ा नरम और कोमल हूं खट्टा-मीठा जैसा चाहो मिल जाता मैं हर पल हूं दूध में दिखत...
मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी ना मीठी ना खट्टी हूं मैं नमकीन ना मैं तरकारी तरल रूप...
पिंडी फटी नाम जपने से, चंद्रा प्रभु प्रगटे उसमे से | भस्मक व्याधि रोग था भारी, नाम बताओ सब नर नारी |...
सीटी इसकी घर-घर बाजे खाना पके पल भर लागे मिलता सबको चावल-दाल बूझो गोपू का यह सवाल
Lamba Tan Aur Badan Hai Gol Meethe Rehte Mere Bol Tan Pe Mere Hote Chhed Bhasha Ka Main Karoon Na...
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