नरम कुरकुरा नाजुक काया
नरम कुरकुरा नाजुक काया बिखर जाऊं गर जोर से दबाया पर जब खाने की हो तैयारी मुझ बिन अधूरी रोटी तरकारी आग में तपकर पकता हूं गोल-गोल चांद सा दिखता हूं
उत्तर:
उत्तर:- पापड़
नरम कुरकुरा नाजुक काया बिखर जाऊं गर जोर से दबाया पर जब खाने की हो तैयारी मुझ बिन अधूरी रोटी तरकारी आग में तपकर पकता हूं गोल-गोल चांद सा दिखता हूं
उत्तर:- पापड़
लगे मात्रा तो हूं खाक हटे मात्रा तो पक्षी सुरीला काला मेरा रूप कुरूप करे क्या काला मुझको धूप नाम...
रूप है काला खून बैगनी ऐसी मेरी फितरत है मेरी चमड़ी लोगों को भाए ऐसी मेरी किस्मत है बारिश में मैं ...
Yeh humko deti aaram, yeh unchi to uncha naam, badhe-badhe logo ko dekha, iske liye hota sangram
मीठे फूल के नाम वाला। फिर भी होता है फल वाला।। तीन अक्षर का नाम बतलावे। सब किसी में ख्याति पावे।।
कौन सी पत्ती है वह, जिसके पीने मे दोष लगता है| सुबह दोपहर शाम को पी जाती है, सबके मन को भाती है||
दो अक्षर से मेरा नाता एक इशारे पर खुल जाता जब चाहो तब बंद हो जाता सावन, भादो याद में आता मर्जी न...
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