आगे-आगे बहना आई पीछे-पीछे भइया दाँत निकाले बा...
आगे-आगे बहना आई पीछे-पीछे भइया दाँत निकाले बाबा आए बुरका ओढ़े मइया
200 पहेलियां मिलीं
हँसाने वाली मजेदार पहेलियां
आगे-आगे बहना आई पीछे-पीछे भइया दाँत निकाले बाबा आए बुरका ओढ़े मइया
तरवर से इक तिरिया उतरी उसने बहुत रिझाया बाप का उससे नाम जो पूछा आधा नाम बताया आधा नाम पिता पर प्यारा...
फ़ारसी बोली आईना, तुर्की सोच न पाईना हिन्दी बोलते आरसी, आए मुँह देखे जो उसे बताए
बीसों का सर काट लिया ना मारा ना ख़ून किया
एक गुनी ने ये गुन कीना, हरियल पिंजरे में दे दीना। देखो जादूगर का कमाल, डारे हरा निकाले लाल।।
पूंछ कटे तो सीता; सिर कटे तो मित्र; मध्य कटे तो खोपड़ी; पहेली बड़ी विचित्र
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं; अंत कटे तो बंद हो जाऊं; केला मिले तो खाता जाऊं; बताओ मैं हूँ कौन?
एक साथ आए दो भाई; बिन उनके दूर शहनाई; पीटो तब वह देते संगत; फिर आए महफ़िल में रंगत।
पानी से निकला पेड़ एक; पात नहीं पर डाल अनेक; इस पेड़ की ठंडी छाया; बैठ के नीचे उसको पाया; बताओ क्या
बेशक न हो हाथ मे हाथ, पर जीता है वो आप के साथ, बताओ क्या?
हरा चोर लाल मकान; उसमे बैठा काला शैतान; गर्मी में वह है दिखता; सर्दी में गायब हो जाता! बताओ क्या?
एक पैर है काली धोती, जाड़े में वह हरदम सोती गरमी में है छाया देती, सावन में वह हरदम रोती.
पांच अक्षर का मेरा नाम, उल्टा सीधा एक समान भारत की भाषा का नाम, कोई तो बताओ मेरा नाम.
हाथी, घोड़ा, ऊंट, नहीं, खाए न दाना न घास सदा हवा पर ही रहे, रहे न पल भर सांस.
प हटे तो लगता है कोड़ा, नमक साथ में तीखा थोड़ा खाने में यह सबको भाए, खाते ही सबका मन हरषाए.
एक राजा की अनोखी रानी दुम के रस्ते पीती पानी
नयी सदी का नया खिलौना, सब कोई चाहे इसको लेना बिना तार के मैं जुड़ जाऊं, इससे उससे बात कराऊँ.
चिड़िया नहीं लेकिन मैं, कितना ऊँचा उड़ती हूँ डोर मुझे दो देखो फिर, कितना ऊपर उठती हूँ.
आदि कटे तो बनता हूँ जल, मध्य कटे तो बनता हूँ काल अंत कटे तो करता हूँ काज, बूझो बूझो मेरा नाम.
दो पहिये की एक सवारी, बिन पेट्रोल चले ये गाड़ी आगे पीछे पैर घुमाओ, बस आगे ही बढ़ते ही जाओ.