एक लकड़ी का मटका , पेड़ पर अटका , इसका पानी पिय...
एक लकड़ी का मटका , पेड़ पर अटका , इसका पानी पियेंगे सारा !!
200 पहेलियां मिलीं
हँसाने वाली मजेदार पहेलियां
एक लकड़ी का मटका , पेड़ पर अटका , इसका पानी पियेंगे सारा !!
हर पेड़ पीला मकान , उसके अंदर बैठे कालू राम , तो कोई बताये मेरा नाम !!
मेरी नस नस मे मीठा रस , जो भी मेरा नाम बताएगा , उसे मिलेंगे रूपये दस !!
चार है पांव इसके , बीच मे ताने बाने , पसरे हैं दादा इस पर चादर तान कर !!
बिना पानी के घर बनाये, कीट पतंगों को फसाये , इसका जीवन ऐसे ही गुजर जाये !!
देखने के आता काम , नजर कमजोर को करता ठीक , कोई तो मेरा नाम बताओ प्लीज !!
दिशा तुम्हे दिखाऊं , भटक गए तो रास्ता दिखाऊं , बस साथ ले चलो , काम तुम्हारे आऊं !!
है सबका प्यारा राज दुलारा, बिन पैरों के भी चलता , मेहनत से इंसान कमाता , तो मेरा नाम बताओ भ्राता !!
नाक मेरी लम्बी , नाक से करता सारे काम , तो बताओ मेरा नाम ?
बिना पैर के करती सैर , मेरे बिना तुम मर जाओगे , दो अक्षर का मेरा नाम , क्या तुम मेरा बतलाओगे ?
सिर पर कलगी , पर मुर्गा नहीं , करता हूँ नाच पर , पर कलाकार नहीं , तो बताओ मेरा नाम ?
एक इस जादू का डंडा, बिना तेल बाती के रौशनी देता, बटन दबाओ , अँधेरा भाग जाये, रात में बहुत काम है आए ...
अलग अलग रंगों मे आती , रोती हूँ बारिश में , सोती हूँ सर्दी में , गर्मी में देती छाया!!
रोशनी मे सामने आ जाऊँ , अँधेरे मे भाग जाऊँ !!
लाल रंग की मेरे कपड़े देख लोग घबराये, मेरे हरे रंग के कपड़े देख बड़े चाब से खाए !!
इस बालक ने कभी नहीं देखा स्कूल , पर करता सारा हिसाब !!
एक थाल मोतियों से भरा , सबके सिर पर ओंधा धरा , चारों ओर वह थाली फिरे , मोती फिर भी न एक गिरे।
आसमान मे करती सैर बिना पंखो के , बस मेरे गले मे एक डोर बंधी रहती है |
इसका है गोल मुखड़ा चाँद सा , चमकीला तन इसका , भाता सभी को पर किसी के पास जल्दी नहीं आता !!
कमर पतली पैर भी पतले , कहीँ गए होंगे बीन बजाकर खून पिने !!