वह कौन सी चीज़ है, जो पानी पीते ही मर जाती है ...
वह कौन सी चीज़ है, जो पानी पीते ही मर जाती है ?
200 पहेलियां मिलीं
हँसाने वाली मजेदार पहेलियां
वह कौन सी चीज़ है, जो पानी पीते ही मर जाती है ?
न किसी से झगडा न लड़ाई | फिर भी होती सदा पिटाई ||
न कभी आता न कभी जाता | इसके भरोसे जो रहता वह सदा पछताता ||
तीन अक्षर का मेरा नाम, प्रथम कटे तो राम-राम | द्वितीय कटे तो फल का नाम, तृतीय कटे तो काटने का काम
दिन में सोए, रात में रोए | जितना रोए, उतना खोए
बिन बुलाये डॉक्टर आए सुई लगाकर भाग गए , बताओ कौन हूँ मैं !
हरा चोर लाल मकान उसमें बैठे कल शैतान गर्मी में वो दीखता सर्दी में गायब हो जाता
कद के छोटे कर्म के हीन, बीन बजाने के शौकीन , बताओ कौन !!
कान मरोड़ पानी दूंगा में कोई पैसे नहीं लूंगा !!
हाल पानी का देखकर बहुत ताज्जुब आए, दरख्त में डूबा भरा, डालियाँ, चिड़ियाँ प्यासी जाए।
मुह काला पर काम बडा कद छोटा पर नाम बडा मेरे वश मे दुनिया सारी रहू जेब मे सस्ती प्यारी
काली हे पर काग नही लम्बी हे पर नाग नही बलखाती पर डोर नही बन्धती हे पर ढोर नही
प्रथम कटे तो चित बन जावे अन्त कटे तो भीगे नयन तीन अकज्ञर का मेरा नाम मध्य कटे तो श्वेत वसन
मुर्गी एक निराली चलत-चलत थक जाये लाऑ चाकू काटो गर्दन फिर वो चलन पाये
जो आगे आये वह काट गिराऊ बिना काटे मे चेन न पाऊ फिर भी तुम मुझको चमकाते सुबह शाम हरदम नहलाते
पानी का है मेरा चोला, हू सफेद पानी का गोला जमा यदि मुझे रख पाऑगे बुला-बुला कर थक जाऑगे
सावन भादो मै होत है ज्यादा आवत जात न आऊ तो नदी सूखे सबके मुख मुरझात
लगती, खुलती और मे होती हू दो चार मै न रहू तो जग मै सब लगने लगे बेकार
ऍसा एक अनोखा पक्षी उसके न हाड, न मास हजार मील वो उडता जाए कभी नही वो लेता सास
देह सख्त हे जो पत्थर की ऐसी होती है वह रानी लेकिन इतनी शर्मिली है वो लेते हाथ मै हो पानी पानी