कई कपड़ों के पार हुई
कई कपड़ों के पार हुई एक नहीं सौ बार हुई फिर भी ना बेकार हुई और तेज मेरी धार हुई पूंछ है मेरी तो प...
373 पहेलियां मिलीं
हर पहेली के साथ विस्तृत उत्तर और व्याख्या
कई कपड़ों के पार हुई एक नहीं सौ बार हुई फिर भी ना बेकार हुई और तेज मेरी धार हुई पूंछ है मेरी तो प...
Ladki ke paas wo konsi cheez hai jo uske paas Shadi se pahle bhi hoti Aur Shadi k baad bhi Par Sh...
गर्मी में तुम मुझको खाते, मुझको पीना हरदम चाहते, मुझसे प्यार बहुत करते हो, पर भाप बनूँ तो डरते भी...
रूप है काला खून बैगनी ऐसी मेरी फितरत है मेरी चमड़ी लोगों को भाए ऐसी मेरी किस्मत है बारिश में मैं ...
Khridne Par Kala Jalane par Laal Fenkne par Safed Btao kya hai?
मुझमें भार सदा ही रहता जगह घेरना मुझको आता हर वस्तु से गहरा रिश्ता हर जगह मैं पाया जाता |
खट्टा मगर रसीला हूं ऊपर से हरा या पीला हूं मेरी खोपड़ी काट के पकड़ो हाथों में मुझको तुम जकड़ो लगा द...
Ek Raja ki anokhi Rani Dum k sahre piti Pani Btao Kya?
ऊपर से नीचे बहता हूँ, हर बर्तन को अपनाता हूँ, देखो मुझको गिरा न देना वरना कठिन हो जाएगा भरना।
मेरे नाम के दो हैं मतलब दोनों के हैं अर्थ निराले एक अर्थ में सब्जी हूं मैं एक अर्थ में पालने वाले...
Ek Pita ne apne bache ko gift dete hue kha Isme aise chez hai ki jab tumhe pyaas lage to pee lena ...
सीधी होकर, नीर पिलाती उलटी होकर दीन कहलाती।
बीसों का सर काट लिया ना मारा ना ख़ून किया |
लगे मात्रा तो हूं खाक हटे मात्रा तो पक्षी सुरीला काला मेरा रूप कुरूप करे क्या काला मुझको धूप नाम...
तीन पैर की चंपा रानी शाम-सवेरे नहाय चावल-दाल को छोड़कर कच्ची रोटी खाय।
एक गुनी ने ये गुन कीना, हरियल पिंजरे में दे दीना। देखो जादूगर का कमाल, डारे हरा निकाले लाल।।
नहीं सुदर्शन चक्र मगर मैं चकरी जैसा चलता सिर के ऊपर उलटा लटका फर्श पे नहीं उतरता बर्फ नहीं पर हव...
सुबह-सुबह ही आता हूँ, दुनिया की खबर सुनाता हूँ बिन मेरे उदास हो जाते सबका प्यारा रहता हूँ।
एक परख है सुंदर मूरत, जो देखे वो उसी की सूरत। फिक्र पहेली पायी ना, बोझन लागा आयी ना।।
मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी ना मीठी ना खट्टी हूं मैं नमकीन ना मैं तरकारी तरल रूप...