मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी न...

मेहमानों का स्वागत मुझसे करती मैं खातिरदारी ना मीठी ना खट्टी हूं मैं नमकीन ना मैं तरकारी तरल रूप है पतली काया दूध और पानी भी है समाया वो खुश जिसने मुझको पाया

"mehmanon ka svagt mujhse krtee main khatirdaree na meethee na khttee hoon main nmkeen na main trkaree trl roop hai ptlee kaya doodh aur panee bhee hai smaya vo khush jisne mujhko paya"

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चाय

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