फटेहाल रहता है हरदम ,द्वार -द्वार तक जाए |

फटेहाल रहता है हरदम ,द्वार -द्वार तक जाए | चाहे कितना जतन करे, यह मनचाहा न पाए ||

"phtehal rhta hai hrdm ,dvar -dvar tk jae | chahe kitna jtn kre, yh mnchaha n pae ||"

उत्तर:

उत्तर:- भिखारी

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