वो कौन सी चीज़ है जिसे ज़मीन पर फेंको तो नहीं ट...
वो कौन सी चीज़ है जिसे ज़मीन पर फेंको तो नहीं टूटती पर पानी में फेंको तो टूट जाती है?
200 पहेलियां मिलीं
बच्चों के लिए आसान और मजेदार पहेलियां
वो कौन सी चीज़ है जिसे ज़मीन पर फेंको तो नहीं टूटती पर पानी में फेंको तो टूट जाती है?
ऐसा है यह अजब खजाना; मालिक इसका बड़ा सयाना; खूब लुटाए इसको वो; फिर भी खुश होता जाये वो।
काला है मेरा रूप; उड़ता हूँ मैं चाहे बारिश चाहे धूप; ना मैं पतंग ना कोई विमान; सुनकर मेरी वाणी सब ...
बैठूं जैसे बैठे ऊँठ; चलूँ तो जैसे चले हिरन; बूझ सको तो जल्दी बूझ; नहीं तो मैं चला तू तारे गिण।
सुबह सवेरे आता हूँ मैं; शाम ढले चला जाता हूँ मैं; मुझे देख करें दिन की शुरुआत; सब को आकर रोशनाता ...
धरती से निकला दरख्त एक पात नही पर डाली अनेक इस दरख्त की ऐसी छाया जिसमे कोई बेठ न पाया
आन्टी जिसकी करती पूजा बच्चो का मामा, नही दूजा अपना दुश्मन कहते चोर खूब चाहता जिसे चकोर
ऍसा एक अनोखा पक्षी उसके न हाड, न मास हजार मील वो उडता जाए कभी नही वो लेता सास
लगती, खुलती और मे होती हू दो चार मै न रहू तो जग मै सब लगने लगे बेकार
सावन भादो मै होत है ज्यादा आवत जात न आऊ तो नदी सूखे सबके मुख मुरझात
पानी का है मेरा चोला, हू सफेद पानी का गोला जमा यदि मुझे रख पाऑगे बुला-बुला कर थक जाऑगे
नाम मे एक राज्य हे शामिल माने जाते वो नेक ओर काबिल धीरे धीरे चढे शिखर पर सबके प्रियवर पर बने नही ...
एक गाव मै बास गडा है एक गाव मे कुआ एक गाव मै आग लगी है एक गाव मै धुआ
सिर छोटा ओर पेट बडा तीन टान्ग पर खडा रहे खाता हवा ओर पीता तेल फिर दिखलाता अपना खेल
1 Mandir Ke 9 Darwaje, 1 Darwaje Me 9 Pandit, 1 Pandit Ke 9 Biwi, 1 Biwi Ke 9 Bacche, 1 Bachhe K...
तीन अक्षर का नाम हे पानी जैसा रुप हवा तो इसकी मोत हे जीवन गर्मी धूप
रन्ग बिरन्गा गोल शरीर करता सदा हवा से बात भोजन इसका बडा निराला खाता हवा ओर सो-सो लात
बेल पडी तालाब मै फूल खिलाती जाय एक अचम्भा देखो भेया फूल बेल को खाय
एक अचम्भा हमने देखा काया हे पर है बेकार जीवन भर ये साथ निभाए ना रोए तू चाहे मार
बरखा, सर्दी, धूप कडी हो पथ मे पत्थर, कील गडी हो इन सबसे मे तुम्हे बचाऊ फिर भी हर दिन रगडा जाऊ