सत्य धर्म का बोझा सहता , जितना होता , उतना कह...
सत्य धर्म का बोझा सहता , जितना होता , उतना कहता . हाथ के आजू-बाजु फैले , पांव में रहते हैं दो थेले .
200 पहेलियां मिलीं
बच्चों के लिए आसान और मजेदार पहेलियां
सत्य धर्म का बोझा सहता , जितना होता , उतना कहता . हाथ के आजू-बाजु फैले , पांव में रहते हैं दो थेले .
उसका पी जब छाती लाय , अच्छा-भला काना हो जाय . डरे शेर भी-सो चिल्लाय , जिस पर थूके , वो मर जाय .
एक थाल मोतियों से भरा , सब के सिर पर औधा धरा . जैसे-जैसे थल फिरे , मोती उससे एक न गिरे .
एक पुरुष का अचरज भेद , हाड़-हाड़ में वाके छेद . मोहि अचंभा आवे ऐसे , जीव बसे हैं वामे कैसे .
मुंह काला , पर काम बड़ा है , कद छोटा , पर नाम बड़ा है . मेरे वश में दुनिया सारी , रहूँ जेब में सस्ती ,...
रौंदे जिसको , उसको काटे , कभी बनता हत्यारा . इसे जेल-फंसी न होती , रखे बिना नहीं चारा .
कली है , पर काग नहीं , लंबी है , पर नाग नहीं . बल खाती , पर डोर नहीं , बांधती है , पर डोर नहीं .
ज्यों-ज्यों ये बढ़त है , त्यों-त्यों ही घट जाही . जगत भर का नियम ये , केहू मिटा नहीं पाहि .
सोने की वह चीज है, पर बेचे नहीं सुनार। मोल तो ज्यादा है नहीं, बहुत है उसका भार।
छोटा था तो नारी था मैं, बड़ा हुआ तो नर। नारी का तो कम मोल था, नर की बड़ी कदर।
नहीं मैं मिलती बाग में, आधी फल हूँ, आधी फूल। काली हूँ पर मीठी हूँ, खा के न पाया कोई भूल।
सोने को पलंग नहीं, न ही महल बनाए, एक रुपया पास नहीं, फिर भी राजा कहलाए
लाल घोडा रुका रहे कला घोडा भागता जाये बताओ कौन?
खरीदने पर कला जलने पर लाल फेंकने पर सफ़ेद बताओ क्या है ?
ऐसे कोण से चेज है जिसे जितना खींचो वो उतनी ही छोटी होती है ?
बीमार नहीं रहती में फिर भी कहती हुँ गोली बचे बड़े सब डार जाते सुन कर इसकी बोली बताओ क्या ?
बड़ा बेसुरा बड़ा कुरूप काला है भई उसका रूप लेकिन उड़ना जाने है वो मगर नहीं वो पतंग विमान उसकी वाणी इतनी...
आगे त है पीछे त है इसको सबकुछ बड़ा पता है नकल उतारे सुनकर वाणी चुप-चुप सुने सभी की कहानी नील गगन है इ...
न सीखा संगीत कहीं पर न सीखा कोई गीत लेकिन इसकी मीठी वाणी में भरा हुआ संगीत सुबह सुबह ये करे रियाज मन...
काटते है, फीसते हैं बाँटते हैं, पर खाते नहीं।