पीली पोखर पीले अंडे
पीली पोखर पीले अंडे बताओ जी बताओ नहीं तो पड़ेंगे डंडे
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हर पहेली के साथ विस्तृत उत्तर और व्याख्या
पीली पोखर पीले अंडे बताओ जी बताओ नहीं तो पड़ेंगे डंडे
ऐसा शब्द लिखकर बनाये फूल-फल मिल मिठाई बन जाये
बूझो मेरी एक पहेली काटो तो नई नवेली
भूरा बदन, रेखाएं तीन दाना खाती हाथ से बीन
छोटा हूँ पर बड़ा कहलाता दही के तालाब में मैं नहाता
काली है पर काग नहीं, लम्बी है पर नाग नहीं। बल खाती है ढोर नहीं, बांधते है पर डोर नहीं।
काले वन की रानी है, लाल -पानी पीती है।
अपनों के ही घर ये जाये, तीन अक्षर का नाम बताये। शुरू के दो अति हो जाये, अंतिम दो से तिथि बत...
बीमार नहीं रहती फिर भी खाती है गोली। बच्चे, बूढ़े डर जाते, सुन इसकी बोली।
चार ड्राइवर एक सवारी, उसके पीछे जनता भारी।
मैं मरुँ मैं कटू, तुम्हें क्यों आँसू आए।
ऊँट की बैठक, हिरण की चाल, बोलो वह कौन है पहलवान।
काला मुँह लाल शरीर, कागज को वह खाता रोज शाम को पेट फाड़कर कोई उन्हें ले जाता।
हरी डंडी, लाल कमान, तौबा, तौबा करे इंसान।
कल बनता धड़ के बिना, मल बनता सिरहीन। थोड़ा हूँ पैर कटे तो, अक्षर केवल तीन।
तीन अक्षर का मेरा नाम, उल्टा-सीधा एक समान।
पानी से निकला दरख्त एक पात नहीं पर डाल अनेक। एक दरख्त की ठण्डी छाया, नीचे एक बैठ न पाया।
हमने देखा अजब एक बन्दा, सूरज के सामने रहता ठण्डा। धूप में जरा नहीं घबराता, सूरज की तरफ मुँह...
खाते नहीं चबाते लोग, काठ में कड़वा रस संयोग। दांत जीभ की करे सफाई बोलो बात समझ में आई।
एक पहेली मैं बुझाऊँ, सिर को काट नमक छिड़काउ।