नया खजाना घर में आया,
नया खजाना घर में आया, डब्बे में संसार समाया। नया करिश्मा बेजोडी का, नाम बताओ इस योगी का।
373 पहेलियां मिलीं
हर पहेली के साथ विस्तृत उत्तर और व्याख्या
नया खजाना घर में आया, डब्बे में संसार समाया। नया करिश्मा बेजोडी का, नाम बताओ इस योगी का।
छोटा-सा धागा, सारी बात ले भागा।
एक महल बीस कोठरी सब है फाटकदार, खोले तो दरवाजा मिले ना राजा, पहरेदार।
तीन अक्षर का मेरा नाम, प्रथम कटे तो शस्त् बन्नू। अंत कटे तो ज्वाला, मध्य कटे तो बन्नू मैं आ...
एक घोडा ऐसा जिसकी छः टाँगे दो सुम, और तमाशा ऐसा देखा पीठ के ऊपर दुम।
बेशक न हो हाथ में हाथ, जीता है वह आपके साथ।
एक पहेली सदा नवेली जो बुझे जिन्दा , जिन्दा में से मुर्दा निकले, मुर्दा में से जिन्दा।
जो तुझमे है वह उसमे नहीं, जो झंडे में है वह डंडे में नहीं।
आगे से गाँठ गठीला, पीछे से वो टेढ़ा। हाथ लगाए कहर खुदा का, बूझ पहेली मेरी।
कमर बाँध कोने में पड़ी, बड़ी सबेरे अब है खड़ी।
शीशा भी हूँ पर कांच नहीं , बर्तनाकार लेता हूँ पर बर्तन नहीं हूँ | जीवनदान देता हूँ , पर भगवान् नहीं...
एक चीज़ का सस्ता रेट , लम्बी गर्दन मोटा पेट | पहले खुद का पेट भराए , फिर सबकी प्यास बुझाए ||
सही प्रयोग से घर चमका दूँ , गलत करे तो ले लूँ जान | जंगल में मंगल कर दूँ , कभी शहर कर दूँ वीरान ||
लाल हरी नीली रंगो के कई रंग है मेरे हर दम रहता है मुस्तैद दरबान पास मेरे खुश कर देती हु सबको जो आत...
हरी पेटी में रहती , भरे पेट में है मोती | जो भी मुझे खाए , मुहं महक जाए ||
नहीं उसे बिमारी कोई , फिर भी गोली खाती | छोटी - सी है फिर भी वह तो , सबको खूब डराती ||
ठीक से पकड़ो नही तो छिटक जाऊंगा मछली की तरह नहीं करोगे उपयोग मुझे गंध मारते रहोगे मछली की तरह
नाक को पकड़कर खींचता है कान | कोई नही इसे कुछ कहता ,बताओ उसका नाम ||
चार उंगलियाँ एक अंगूठा ,है मेरे पर जीव नहीं | सर्दी में काम आता हूँ ,मिलूं ग्रीष्म कभी नहीं ||
पहले मैं कोयला खाता था , फिर पीता था डीजल | अब बिजली का सेवन करता , जाने क्या होगा कल |